टीसीडीपीएपी

एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए तकनीकी परामर्श विकास कार्यक्रम एशिया और प्रशांत क्षेत्र में राष्ट्रीय, उप-क्षेत्रीय और क्षेत्रीय स्तरों पर परामर्श क्षमताओं के विकास के लिए एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग द्वारा प्रोत्साहित कार्यक्रम है।

इस कार्यक्रम में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के १४ देशों के सदस्य शामिल हैं। भारत के अलावा, सदस्य देशों में चीन, कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, फिलीपींस, ईरान, म्यांमार, श्रीलंका, सिंगापुर और वियतनाम शामिल हैं।

एशिया और प्रशांत के लिए तकनीकी परामर्श विकास कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में स्थानीय सलाहकारों को एशिया और प्रशांत क्षेत्र में, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय परियोजनाएं, परामर्श क्षमताओं की स्थापना, विकास और निरंतर उन्नयन करके और एशियाई और प्रशांत क्षेत्र में अभियांत्रिकी अभिकल्प और परामर्श सेवाओं के प्रचार के लिए एक क्षेत्रीय शीर्ष मंडल के रूप में काम करके बढ़ावा देने से संबंधित है।

एशिया और प्रशांत क्षेत्र के १३ देशों एशिया और प्रशांत के लिए तकनीकी परामर्श विकास कार्यक्रम के सदस्य हैं।

परामर्श विकास केंद्र १९९४ से एशिया और प्रशांत के लिए तकनीकी परामर्श विकास कार्यक्रम का सचिवालय है और सदस्य गतिविधियों में सूचना प्रसार, प्रकाशन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों / संगोष्ठी का आयोजन और सदस्य सलाहकारों आदि में संजाल जैसे विभिन्न गतिविधियों को चला रहा है। सामान्य परिषद और कार्यकारी समिति की बैठकों के आयोजन के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन के लिए पिछले दशक के दौरान एशिया और प्रशांत के लिए तकनीकी परामर्श विकास कार्यक्रम को बैठकों के लिए सक्रिय सचिवीय समर्थन प्रदान किया गया है।

पेज अंतिम अपडेट: 24/08/2017

कॉपीराइट © 2014 CDC, सभी अधिकार सुरक्षित.
IE 8+ और एफएफ 34.0.5+ @ 1280 x 960 में सर्वश्रेष्ठ देखा गया
द्वारा डिज़ाइन और विकसित v2Web